Wednesday, May 28, 2008
प्रथम प्रयास
॥ॐ हरि ॐ॥ आज यहाँ पर दोपहर 2 बजे से तेज आँन्धी ओर उसके पश्चात पानी गिरने लगा तो सोचा क्यू ना आज अपना ब्लाग बनाया जाय। ब्लाग बनाने के बाद सोचा कि ब्लाग मे क्या लिखा जाय "पुरानी यादेँ" और "बिखरे पन्ने" के बीच मे केवल "यादे" ही वाँकी रह पाती हैं अब जब यादेँ की बात ही चल रही है तो क्यू ना कुछ बीती बिसरी बाते को ही याद कर लिया जाय। यूँ तो हमे ब्लाग लिखने का अनुभव भी नही है परन्तु हमने सुना है कि "करत करत अभ्यास ते जडमत होय सुजान" कहने को तो बहुत कुछ है लेकिन सव कुछ एक साथ तो नही लिख सकते ना, एक छोटा सा प्रयास कर रहा हूँ जो कि शायद भविष्य मे काम आ सकता है।
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